क्राइमपीडीडीयू नगर

डिस्काउंट के नाम पर वुलेन कपड़ों में धोखा, कब जागेगा प्रशासन?


डीडीयू नगर।
जैसे ही ठंड का मौसम खत्म होने को होता है, वैसे ही मॉल और बड़े शोरूम में वूलन कपड़ों की सेल शुरू हो जाती है। “सीजन एंड सेल” और “भारी डिस्काउंट” के नाम पर मॉलों में भारी भीड़ उमड़ रही है। लेकिन इसी भीड़ और जल्दबाजी का फायदा उठाकर कुछ जगहों पर आम जनता के साथ धोखाधड़ी किए जाने के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।

शहर के प्रमुख शॉपिंग सेंटरों, खासकर वी-मार्ट और सिटी कार्ड जैसे मालों में वूलन कपड़ों पर भारी छूट का प्रचार कर ग्राहकों को आकर्षित किया जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि डिस्काउंट के नाम पर उन्हें मॉल तक तो खींच लिया जाता है, लेकिन बिलिंग के समय सच्चाई कुछ और ही निकलती है।

ग्राहकों के अनुसार, वूलन कपड़ों के लिए अलग से “डिस्काउंट रैक” लगाए गए हैं। इन्हीं रैकों से ग्राहक कपड़े चुनकर कैश काउंटर तक पहुंचते हैं, लेकिन भुगतान के समय बताया जाता है कि चुने गए कपड़ों में से कुछ पर ही छूट है, जबकि बाकी बिना डिस्काउंट के हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सभी कपड़े एक ही रैक में रखे होते हैं, जिस पर साफ तौर पर “डिस्काउंट” लिखा होता है। ऐसे में आम ग्राहक के लिए यह पहचान पाना बेहद मुश्किल हो जाता है कि कौन सा वूलन कपड़ा छूट वाला है और कौन सा नहीं।
ग्राहकों का आरोप है कि इसी भ्रम का फायदा उठाकर उनसे अधिक कीमत वसूली जा रही है।

जब इस संबंध में स्टोर स्टाफ से सवाल किया जाता है, तो अक्सर जवाब मिलता है—
“इस कपड़े पर डिस्काउंट नहीं है।”
कई ग्राहकों ने बताया कि शिकायत करने पर न तो कोई स्पष्ट जानकारी दी जाती है और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी सामने आता है।

भीड़, लंबी कतार और समय की कमी के चलते कई बार ग्राहक मजबूरी में पूरा भुगतान कर देता है, जबकि कुछ लोग नाराज होकर बिना खरीदारी के लौट जाते हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ पैसों का नुकसान नहीं, बल्कि मानसिक तनाव और ठगे जाने का अहसास भी है।

उपभोक्ताओं का मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया भ्रामक डिस्काउंट नीति के अंतर्गत आती है, जो सीधे तौर पर उपभोक्ता संरक्षण कानून का उल्लंघन है। नियमों के अनुसार किसी भी प्रकार की छूट की जानकारी स्पष्ट और पारदर्शी होनी चाहिए।

अब सवाल यह उठता है कि—

  • एक ही रैक में छूट और बिना छूट वाले वूलन कपड़े क्यों रखे जा रहे हैं?
  • क्या यह उपभोक्ताओं के साथ खुला छल नहीं है?
  • और सबसे अहम सवाल—कब जागेगा प्रशासन?

ग्राहकों ने जिला प्रशासन और उपभोक्ता फोरम से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और मॉल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि डिस्काउंट और बिना डिस्काउंट वाले वूलन कपड़ों को अलग-अलग और स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।
साथ ही भ्रामक सेल और झूठे डिस्काउंट प्रचार पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में आम जनता के साथ इस तरह का धोखा न हो।


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