समस्याओं से निजात दिला पाएंगे, खंड विकास अधिकारी-


धानापुर – एक ऐसा ब्लॉक जहां विकास कि धुरी सिर्फ़ दो ग्राम पंचायतों के इर्द गिर्द घूमती हैं,, जहां बजट संकुचित व कार्य बृहद होता हैं,, लेकिन जिन ग्राम पंचायतों में बजट अधिक हैं,, कार्य कम हैं,, वहां विकास कैसे होगा। लगभग 5 साल बीतने को हैं,, लेकिन जमुरना, धराव, खरखोलिया त्रिभुवनपुर, अहिकौरा, तोरवा, इकबालपुर आदि गांवों में विकास के नाम पर हुए लूट व छूट को प्राथमिकता से जांच व समाधान कोसों दूर हैं।। बाल पुष्टाहार हो या शिक्षा विभाग यहां से जुड़े लगातार शिकायतें मिलती रहती हैं,, लेकिन समाधान खोजना जारी हैं।। मनरेगा जैसे कार्यों में एक ही जाति का वर्चस्व बन जा रहा हैं,, उनके कार्यों में बढ़ोत्तरी दिखती हैं,, लेकिन अन्य के लिए नियम कानून इतर हैं।। आखिर बाल पुष्टाहार हो या पशु विभाग, पंचायती राज्य हो या शिक्षा विभाग।। बेलगाम हो चुके विभागों को रोकना बड़ा ही चुनौती साबित होगा,, लेकिन समस्याओं से निजात दिला पाना, बहुत ही मुश्किल साबित होता दिख रहा हैं। पंचायती से जुड़े सफाई व्यवस्था, पंचायत भवन, कूड़ा घर, कूड़ा गाड़ी सब ध्वस्त अवस्था में लेकिन अधिकारी के नजरों से ओझल हो चुके हैं।। आखिर मजबूरियों में निर्णय लेने को बेबस नजर आ रहे अधिकारी,, क्या जनता तक पहुंचेगी योजना या आवास व शौचालय के नाम पर आ रही विसंगतियों पर लगेगा रोक,, फ़िलहाल मीटिंगों का दौर ब्लॉक पर भी जारी है।।




