
होली से पहले 2 क्विंटल मिलावटी खोया नष्ट, सवालों के घेरे में खाद्य सुरक्षा विभाग
चंदौली शुक्रवार को होली पर्व से ठीक पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के पास 2 क्विंटल मिलावटी खोया पकड़े जाने और उसे मौके पर नष्ट किए जाने की कार्रवाई ने जहां एक ओर विभागीय सक्रियता दिखाई है, वहीं दूसरी ओर खाद्य सुरक्षा विभाग की नियमित निगरानी पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में एक पिकअप वाहन से 10 से 12 क्विंटल खोया बरामद किया गया, जिसे सोनभद्र और बिहार से लाकर मुगलसराय की खोया मंडी में बेचे जाने की तैयारी थी। प्रारंभिक जांच में मिलावट की पुष्टि होने पर लगभग 2 क्विंटल खोया को चकिया रोड के पास नष्ट कराया गया, जबकि शेष का नमूना जांच के लिए भेजा गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि त्योहारों के समय ही क्यों बड़ी मात्रा में मिलावटी खाद्य सामग्री पकड़ी जाती है? क्या नियमित रूप से मंडियों और गोदामों की जांच नहीं हो रही थी? यदि 10-12 क्विंटल खोया खुलेआम मंडी तक पहुंच रहा था, तो निगरानी तंत्र अब तक कहां था?
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन को टिंचर आयोडीन से जांच की सलाह दी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मिलावट रोकने की प्राथमिक जिम्मेदारी विभाग की है, न कि उपभोक्ताओं की।
कार्रवाई का नेतृत्व मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमल निवास त्रिपाठी ने किया। पुलिस क्षेत्राधिकारी मुगलसराय के सहयोग से पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रणधीर सिंह यादव द्वारा नमूना संकलन किया गया।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है, और क्या विभाग त्योहार बीतने के बाद भी इसी सक्रियता को बनाए रख पाएगा या नहीं।



