मतदाता सूची पुनरीक्षण में यूपी ने पकड़ी रफ्तार, लाखों नए दावे आपत्तियों की सुनवाई

लखनऊ, 07 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शनिवार को लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता कर बताया कि विधानसभा तथा लोकसभा निर्वाचन की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक चली दावा एवं आपत्ति अवधि में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए और उनका तेजी से निस्तारण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में प्रदेश में कुल 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें 6 करोड़ 88 लाख 43 हजार 159 पुरुष, 5 करोड़ 67 लाख 8 हजार 747 महिलाएं और 4,119 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार मिलान न कराने वाले लगभग 1.04 करोड़ तथा तार्किक विसंगति वाले 2.22 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। 14 जनवरी से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हुई और 21 जनवरी से सुनवाई प्रारंभ की गई। अब तक 93.8 प्रतिशत नोटिस वितरित हो चुके हैं तथा 6 मार्च तक 85.8 प्रतिशत मामलों में सुनवाई पूरी कर ली गई है।
दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म-6 के तहत 70 लाख 69 हजार 810 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें बड़ी संख्या 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की है। वहीं फॉर्म-7 के तहत 2 लाख 68 हजार 682 तथा फॉर्म-8 के तहत 16 लाख 33 हजार 578 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मसौदा मतदाता सूची से किसी भी मतदाता का नाम बिना नोटिस दिए और निर्धारित प्रक्रिया के बिना विलोपित नहीं किया जा सकता। मतदाताओं की सुविधा के लिए बीएलओ द्वारा मतदान केंद्रों पर भी सुनवाई की व्यवस्था की गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी रही। राज्य स्तर से लेकर जनपद स्तर तक कुल 3,090 बैठकें आयोजित की गईं और 5 लाख 82 हजार से अधिक बूथ लेवल एजेंटों ने अभियान में सहयोग किया।
शिकायत निस्तारण के मामले में भी प्रदेश ने बेहतर प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में उत्तर प्रदेश को देश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि शिकायतों की रेटिंग के आधार पर फरवरी 2026 में प्रदेश प्रथम स्थान पर रहा।

