किसान सैनिक कीटों से कैसे करें अपने धान के फसलों की सुरक्षा, जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया उपाय

चन्दौली। दिनांक 14 नवम्बर 2025
धान की फसल को भारी नुकसान पहुँचाने वाले सैनिक कीट को लेकर किसानों में चिंता बढ़ती जा रही है। इस बीच जिला कृषि रक्षा अधिकारी स्नेह प्रभा ने किसानों को जागरूक करते हुए बताया कि सैनिक कीट रात्रिचर कीट है, जिसकी सूंडियाँ पत्तियों और बालियों को काटकर गिरा देती हैं। वर्तमान समय में बाली अवस्था पर इसका प्रकोप अधिक देखने को मिल रहा है।
अधिकारी ने बताया कि सैनिक कीट की सूंडियाँ दिन में पौधों के किल्लों व मिट्टी की दरारों में छिपी रहती हैं, जबकि शाम होते ही यह पौधों पर चढ़कर फसल को भारी क्षति पहुँचाती हैं। इसलिए खेतों की नियमित निगरानी बेहद आवश्यक है।
कीट नियंत्रण के प्रमुख उपाय
- प्रकाश प्रपंच (लाइट ट्रैप) लगाकर कीट के शलभ (Adult) को नष्ट करें।
- खेत की मेड़ों को साफ-सुथरा रखें, ताकि सूंडियों को छिपने की जगह न मिले।
- खेत में जगह-जगह घास–फूस के ढेर रखें, जहाँ सूंडियाँ छिपने आएँगी और उन्हें आसानी से नष्ट किया जा सकेगा।
- गंभीर प्रकोप की स्थिति में निम्न में से किसी एक रसायन का छिड़काव करें—
- क्लोरपाइरीफॉस 50% + साइपरमेथ्रिन 5% EC — 45 ml प्रति टंकी
- इमामेक्टिन बेंजोएट — 8–10 ग्राम प्रति टंकी
- थियामेथोक्सम 12.6% + लैम्ब्डा-साइहलोथ्रिन 9.5% ZC — 10 ml प्रति टंकी
- फ्लुबेंडियामाइड 8.33% + डेल्टामेथ्रिन 5.6% SC — 8 ml प्रति टंकी
- फेनवेलरेट 0.4% डस्ट — 10 किग्रा प्रति एकड़
अंत में जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों से अपील की कि फसल की अवस्था को देखते हुए समय पर नियंत्रण के उपाय अपनाएँ और किसी भी समस्या पर कृषि विभाग से संपर्क करें।


