रजवाहा कहे या नहर या फिर सीवर, कार्यवाही अधिकारियों के नज़र से कोसों दूर –
सकलडीहा -एक ऐसा माध्यम जो खेत सिंचाई के लिए बनाया गया,, लेकिन उसका नामकरण में भी संदेह हैं। जी हा, उच्च अधिकारी या तहसील अधिकारी या फिर ब्लॉक अधिकारी,, सभी लोग उसी नहर के आस पास से आते जाते व रहते हैं,, लेकिन किसानों की समस्या कहे या सिंचाई विभाग की लेकिन नुकसान किसान उठायेगा,, सकलडीहा बाजार के बीच से निकलने वाली रजवाहा जो सीवर बहाने के उपयुक्त बन चुका हैं,, जबकि वही संपूर्ण समाधान दिवस पर समस्या से अवगत कराया जाता हैं। सिर्फ़ ठेकेदार दोषी हो जाता है,, जबकि जिम्मेदारक मौन,, यदि सफाई के वक्त भी सीवर के भरा रहेगा, कीचड़, फिसलन व दलदल की स्थिति में आखिर कैसे हो सफाई,, लेकिन किसान यूनियन सफाई का हवाला देते दिखते हैं,, जबकि सीवर मुख्य समस्या बन चुकी सफाई के दौरान,, जब उच्च अधिकारी कड़े कदम नहीं उठाएंगे तो किसान को परेशानी व ठेकेदार दोषी बनता रहेगा।।




