
चंदोली
रात के समय सड़कों पर दौड़ रहे इ-रिक्शा और मोटरसाइकिलों में लगी अतिरिक्त तेज रोशनी वाली लाइटें अब यातायात सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। अवैध और अत्यधिक लाइटों—जैसे हैलोजन, फ्लैशर और रंगीन LED—से सजे ई-रिक्शा खुलेआम नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई जमीन पर नजर नहीं आ रही।
इन अवैध लाइटों का उद्देश्य भले ही आकर्षण या रात में अधिक रोशनी दिखाना हो, लेकिन हकीकत यह है कि ये विपरीत दिशा से आ रहे वाहन चालकों की आँखों को कुछ सेकंड के लिए अंधा कर देती हैं। यही कुछ सेकंड सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह बन रहे हैं। मोटर वाहन अधिनियम के तहत इस तरह की लाइटें स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित हैं, इसके बावजूद न नियमित चेकिंग हो रही है और न ही सख्त चालान।
स्थिति यह है कि नियम तो मौजूद हैं, मगर उनका पालन करवाने वाली ट्रैफिक पुलिस की निष्क्रियता सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते इन अवैध लाइटों के खिलाफ विशेष अभियान नहीं चलाया गया, तो किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाएगा। क्या ट्रैफिक पुलिस किसी अनहोनी के इंतजार में ह



