
जनपद में मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के उद्देश्य से समस्त थानों व सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। बाजारों, कस्बों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में एंटी रोमियो टीमों द्वारा महिलाओं को उनके अधिकारों, हेल्पलाइन नंबरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। यह पहल निश्चित रूप से सराहनीय है और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम भी।
कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा महिला सुरक्षा से जुड़े प्रमुख कानूनों की जानकारी देकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। इससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है कि प्रशासन महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।
हालांकि, दूसरी ओर यह भी सच है कि जनपद में समय-समय पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में केवल जागरूकता कार्यक्रम पर्याप्त नहीं माने जा सकते, जब तक शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और प्रभावी कानूनी परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई न दें।
जरूरत इस बात की है कि मिशन शक्ति जैसे अभियानों की ऊर्जा सिर्फ कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर, हर पीड़िता को त्वरित न्याय और सुरक्षित वातावरण देने में भी उतनी ही मजबूती से दिखे। तभी इस अभियान की सार्थकता पूरी तरह सिद्ध हो सकेगी।



