सरकारी योजनाएं सिर्फ़ बांटने वाले बुकलेट तक सीमित,, रोज़गार की योजनाएं ख़ुद ही बेरोजगार –


चन्दौली – प्रधानमंत्री के नाम पर या मुख्यमंत्री के नाम पर संचालित योजनाओं के लगभग सभी विभागों को अपने स्तर से युवा वर्ग व बेरोजगारों के लिए उद्योग विभाग, कृषि, खादी व उद्यान विभाग के विभिन्न पटल से 5 लाख से 25 लाख तक ऋण स्वीकृत करा कर उद्योग स्थापित कराना था। जो मद्धम गति से चल भी रहा हैं लेकिन लाभ विभाग के कागजों में समिति होता जा रहा हैं।। उद्यान विभाग के फील्ड में कार्य करने वाले सम्बन्धित विभागीय सिर्फ़ गिने चुने लोगों को किसी भी कार्यक्रम में बुलाते हैं व किसानों को बेच रहे किसान नेताओं को प्राथमिकता देते देखे जाते हैं। विभाग से मिलने वाली बुकलेट में कई योजनाओं का जिक्र होता हैं लेकिन धरातल लगभग गायब सा बन चुका हैं। आखिर उद्योग विभाग व कृषि विभाग जैसे बड़े विभागों को दी गई जिम्मेदारी सिर्फ़ मीटिंगों में चाय बिस्कुट तक सीमित किया जा रहा हैं।। युवा वर्ग व बेरोजगार वर्ग अपने जीविका को संचालित करने का स्वप्न लगभग शून्य होता देख कार्यक्रमों से दूरी बनाते देखे जा रहे हैं। विकास के बजाय क्षेत्र बाट कर मलाई खाने वाले सत्ता पक्ष के प्रतिनिधियों को सिर्फ़ चुनाव के समय आम जनमानस की याद आती हैं।। जिलाधिकारी का मीटिंग लगभग रोज़ाना होती हैं, लेकिन शो काज नोटिस पर आ कर सिमट जा रही है।।



