खंडहर बन गया,, लोगों को रोज़गार देने वाला खादी विभाग –


चन्दौली – देश विकसित होने का सपना देख रहा हैं,, जिसे पूर्ण करने के लिए लगातार कवायद जारी हैं। लेकिन दुर्भाग्य का पराकाष्ठा तब जारी होता हैं जब आंखे बंद कर लेता है समाज,, जी,, शाहिदगाव में स्थित खादी ग्रामोद्योग विभाग का खपरैल विभाग हो या फिर विक्रय केंद्र,, आज अपनी दुर्भाग्य पर आंसु बहा रहे हैं।। जहां कभी लोगों को रोज़गार व रहन सहन के लिए व्यवस्था कर रहा था,, आज ख़ुद अव्यवस्थित हो चुका हैं। समय का मात कहे या उच्च अधिकारियों के पैरों में पड़े जंजीर,जो तीन पार्ट में फैला करोड़ों के जमीनों पर गिद्ध के तरह नज़र गढ़ा चुके वोह प्रभुत्वादी जिनके आगे समस्त नियम कानून झोला धोते दिख रहे। गांवों में गांव समाजी जमीन ना होने के कारण बहुत से प्रोजेक्ट अन्य गांवों में चला जा रहा हैं। कागज़ पर जमीन किस मौजे में हैं, इसके भी विरोधाभास तर्क हैं,, फ़िर बदहाल बड़े भवनों को देख अनायास ही लोगों के मुख से निकल जाता हैं,, खादी विभाग को किसकी नज़र लगी। जिले में दो आईएएस मौजूद हैं,, क्या उनका दौरा कभी खंडहर में तब्दील हो रहे इस रोजगार परक धरातल पर जायेगी या फिर लूट की सोच वाले अपने मंसूबों में सफ़ल होगे।।



