स्मार्ट मीटर का झटका: लंबी कतारों में फंसे उपभोक्ता बिजली के लिए जद्दोजहद

चंदौली
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर व्यवस्था लोगों के लिए राहत की जगह बड़ी परेशानी बनती जा रही है। जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल पहले ₹1000-1500 के आसपास आता था, अब उनका कनेक्शन अचानक काटा जा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एक तरफ जहां लोगों के घरों में एलपीजी समय से नहीं पहुंच पा रहा है लोग हलकान है वहीं दूसरी तरफ जिनकी घरों में गैस खत्म हो गया है लोग लाइन में लगे हुए इंडक्शन चूल्हे पर खाना बनाकर किसी तरह से गुजारा कर रहे हैं उसके बाद बिजली विभाग द्वारा लोगों का इस तरह से बिजली कनेक्शन काट देना इस समय लगता है सरकार द्वारा कोई सजा दी जा रही है।
सबसे गंभीर समस्या यह है कि मोबाइल ऐप, फोनपे या गूगल पे से बिल जमा करने के बावजूद घंटों—कई बार 24 घंटे तक—बिजली बहाल नहीं हो रही। वहीं विभागीय काउंटर से भुगतान करने के बाद ही कनेक्शन जोड़ा जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को मजबूरन काउंटर पर जाना पड़ रहा है।
काउंटरों की स्थिति भी बदहाल है। अलग से कोई विशेष काउंटर नहीं बनाए गए हैं, जिससे लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और लोग घंटों लाइन में खड़े रहने को विवश हैं। कई जगहों पर सर्वर डाउन होने की समस्या भी सामने आ रही है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर बिजली कट भी जाती है तो उन्हें आपत्ति नहीं, लेकिन ऑनलाइन भुगतान के बाद भी सप्लाई बहाल न होना सबसे बड़ी समस्या है। लोगों का सवाल है कि जब भुगतान डिजिटल हो रहा है, तो कनेक्शन भी तुरंत जुड़ना चाहिए।
बिजली विभाग की ओर से प्रीपेड स्मार्ट मीटर में एडवांस बैलेंस रखने की बात कही जा रही है, लेकिन इसकी पर्याप्त जानकारी उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंची है। नतीजतन, लोग विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
बिजली कटौती और अव्यवस्था से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी प्रभावित हैं। उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है और वे इस पूरी व्यवस्था को लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया बता रहे हैं।


