चंदौली में बार एसोसिएशन को लेकर बवाल, उपजिलाधिकारी की भूमिका पर उठे सवाल-

जनपद चंदौली के सकलडीहा तहसील में बार एसोसिएशन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र ने पूरे मामले को तूल दे दिया है।
📌 क्या है मामला?
पत्र के अनुसार, 27 फरवरी 2026 को सकलडीहा बार एसोसिएशन का चुनाव उपजिलाधिकारी की देखरेख में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया था। लेकिन इसके बाद 11 मार्च 2026 को उसी बार एसोसिएशन के नाम पर अलग से शपथ ग्रहण कार्यक्रम करा दिया गया, जिससे विवाद खड़ा हो गया।
📌 गंभीर आरोप:
आरोप है कि शपथ लेने वाले कथित पदाधिकारियों में से एक के पास COP (Certificate of Practice) तक नहीं था, यानी वे कानूनी रूप से प्रैक्टिस करने के पात्र नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें अध्यक्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया।
📌 तहसील परिसर में तनाव:
बताया गया है कि समानांतर बार एसोसिएशन चलाने की कोशिश की जा रही है, जिससे तहसील परिसर में अस्थिरता और विवाद का माहौल बन गया है। अधिवक्ताओं ने कई बार उपजिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की, लेकिन आरोप है कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।
📌 प्रशासन से क्या मांग?
पत्र में जिलाधिकारी से मांग की गई है कि—
➡️ उपजिलाधिकारी को बार एसोसिएशन की राजनीति से दूर रखा जाए
➡️ वैध रूप से चुने गए पदाधिकारियों को ही कार्य करने दिया जाए
➡️ अवैध तरीके से समानांतर बार चलाने वालों पर रोक लगे
➡️ तहसील परिसर में लगाए गए अवैध बोर्ड हटाए जाएं
⚠️ बड़ा सवाल:
अगर कानून से जुड़े संस्थानों में ही इस तरह के विवाद और अनियमितताएं होंगी, तो आम जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहेगा?
👉 अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और विवाद का समाधान कैसे निकालता है।




