गौशाला- बायोगैस मॉडल बना मिसल, 125 घरों तक सस्ती गैस रोजगार- के नए अवसर

चंदौली पीडीडीयू नगर तहसील के ग्राम एकौनी में जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने गौशाला और बायोगैस प्लांट का निरीक्षण किया, जहां किसान चंद्रप्रकाश सिंह द्वारा संचालित यह परियोजना आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल बनकर उभरी है।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि गौशाला में लगभग 200 गायों का पालन हो रहा है, जिनसे प्राप्त दूध की बिक्री के साथ-साथ गोबर का उपयोग कर 350 क्यूबिक मीटर क्षमता का बायोगैस प्लांट संचालित किया जा रहा है। इस प्लांट से पाइपलाइन के जरिए करीब 120 से 125 घरों में मात्र ₹500 प्रतिमाह में नियमित गैस आपूर्ति की जा रही है, जो एलपीजी के मुकाबले काफी सस्ती है।
किसान चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 3000 किलो गोबर का उपयोग कर बायोगैस और ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे पहले बेकार जाने वाले संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है। इस व्यवस्था से ग्रामीणों को सस्ती गैस मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
जिलाधिकारी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बड़े स्तर पर विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने नावार्ड और उद्योग विभाग को निर्देशित किया कि इस तरह की परियोजनाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़कर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि अन्य गांवों में भी बायोगैस प्लांट स्थापित किए जा सकें।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं को जनपद की अन्य गौशालाओं में भी इसी मॉडल को लागू करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों को ऑर्गेनिक खाद मिले और मिट्टी की उर्वरा शक्ति में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि गौशाला और बायोगैस प्लांट के संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इस दौरान उप जिलाधिकारी पीडीडीयू नगर, जिला पूर्ति अधिकारी, तहसीलदार पीडीडीयू नगर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



