पीएम सूर्य घर योजना में खेल: सस्ते के नाम पर घटिया सामग्री, कमीशन खोरी के आरोप

चंदौली— प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार सस्ता काम दिखाने और अधिक से अधिक कमीशन लेने की होड़ में वेंडर गुणवत्ता से समझौता कर रहे हैं। आरोप है कि बिजली विभाग, बैंक और वेंडरों की मिलीभगत से ग्राहकों को घटिया क्वालिटी के तार, इनवर्टर और अन्य उपकरण लगाए जा रहे हैं।
जिसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। बताया जा रहा है कि वेंडरों के बीच प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ गई है कि वे कम लागत में काम पूरा करने के लिए मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर उपरोक्त कार्यो की उच्च स्तरीय जांच हो जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।
इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जो सस्ते इंस्टॉलेशन के लालच में इस व्यवस्था का शिकार बन रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घटिया सामग्री के इस्तेमाल से भविष्य में तकनीकी खराबी, सुरक्षा जोखिम और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ सकती है।
अब सवाल यह है कि जनपद के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं और योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।



